माता सरस्वती जी
🚩 शनिवार / वसंत पंचमी विशेष

माता सरस्वती जी की आरती

"ॐ जय सरस्वती माता"

लिपि / Script:
भावार्थ (Meaning):
अक्षर आकार (Font):
॥ पद 1 ॥

ॐ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता ।

सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥

ॐ जय सरस्वती माता ॥

💡 भावार्थ (Meaning):

हे माँ सरस्वती! आपकी जय हो। आप सद्गुणों और वैभव से सुशोभित तीनों लोकों में विख्यात हैं।

॥ पद 2 ॥

चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी ।

सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥

ॐ जय सरस्वती माता ॥

💡 भावार्थ (Meaning):

चंद्रमा के समान सुंदर मुख वाली, कमल पर विराजमान, हंस की शुभ सवारी करने वाली और अतुलनीय तेज धारण करने वाली माँ सरस्वती की जय हो।

॥ पद 3 ॥

बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला ।

शीश मुकुट मणि सोहे,गल मोतियन माला ॥

ॐ जय सरस्वती माता ॥

💡 भावार्थ (Meaning):

आपके बाएं हाथ में वीणा और दाएं हाथ में स्फटिक माला है। मस्तक पर मणियों का मुकुट और गले में मोतियों की माला शोभायमान है।

॥ पद 4 ॥

देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया ।

पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥

ॐ जय सरस्वती माता ॥

💡 भावार्थ (Meaning):

आपकी शरण में आने वाले प्रत्येक जीव का आपने कल्याण किया है। अधर्म का नाश करने हेतु आपकी कृपा से ही लीलाएं संपन्न होती हैं।

॥ पद 5 ॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो ।

मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ॥

ॐ जय सरस्वती माता ॥

💡 भावार्थ (Meaning):

आप विद्या और ज्ञान देने वाली हैं। हमारे जीवन में ज्ञान का प्रकाश भरें और अज्ञान व मोह रूपी अंधकार का नाश करें।

॥ पद 6 ॥

धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो ।

ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥

ॐ जय सरस्वती माता ॥

💡 भावार्थ (Meaning):

हे माता! हमारे धूप, दीप, फल और मेवे के भोग को स्वीकार करें। हमें ज्ञान रूपी नेत्र प्रदान कर इस संसार से हमारा उद्धार करें।

॥ पद 7 ॥

माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे ।

हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे ॥

ॐ जय सरस्वती माता ॥

💡 भावार्थ (Meaning):

जो भी मनुष्य माँ सरस्वती की इस आरती का गायन करता है, वह परम सुख, ज्ञान और सच्ची भक्ति प्राप्त करता है।

🪔

॥ इति माता सरस्वती जी आरती संपूर्णम् ॥

॥ ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ॥

🙏 माता सरस्वती जी की पूजा विधि एवं नियम:

श्वेत या पीले वस्त्र धारण करें। पीले पुष्प, विद्या सामग्री और कपूर से माँ सरस्वती की आरती करें।