🪔 आज की विशेष आरती (रविवार)

श्री राम जी की पावन आरती

"श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन"

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी की परम पावन स्तुति व आरती। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित यह आरती मन को असीम शांति प्रदान करती है।

श्री राम जी
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🪔 सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह

अपनी श्रद्धा अनुसार प्रभु की आरती का चयन करें

श्री हनुमान चालीसा
🚩 मंगलवार & शनिवार विशेष

श्री हनुमान चालीसा

"जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर"

गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करने से भय, संकट, रोग, मानसिक क्लेश और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

श्री गणेश जी
🚩 बुधवार विशेष

श्री गणेश जी

"जय गणेश जय गणेश देवा"

विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी की सर्वप्रिय आरती। पूजा की शुरुआत में इस आरती का गान करने से सभी संकट दूर होते हैं और कार्य सिद्ध होते हैं।

श्री कुंजबिहारी (कृष्ण) जी
🚩 गुरुवार विशेष

श्री कुंजबिहारी (कृष्ण) जी

"आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की"

भगवान श्री कृष्ण चंद्र जी की परम पावन आरती। मुरलीधर श्री कुंजबिहारी जी की आरती का गान करने से भक्ति, आनंद और प्रभु कृपा प्राप्त होती है।

माता सरस्वती जी
🚩 शनिवार / वसंत पंचमी विशेष

माता सरस्वती जी

"ॐ जय सरस्वती माता"

ज्ञान, विद्या, बुद्धि और कला की देवी माँ सरस्वती जी की परम पावन आरती। विद्यार्थियों एवं कला साधकों के लिए इसका पाठ अत्यंत फलदायी है।

माता लक्ष्मी जी
🚩 शुक्रवार विशेष

माता लक्ष्मी जी

"ॐ जय लक्ष्मी माता"

धन, वैभव, सुख और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माता लक्ष्मी जी की पावन आरती। दीपावली एवं प्रत्येक शुक्रवार को इसका गान अत्यंत शुभ माना गया है।

श्री हनुमान जी
🚩 मंगलवार विशेष

श्री हनुमान जी

"आरती कीजै हनुमान लला की"

दुष्टदलन, संकटमोचन प्रभु श्री हनुमान जी की मंगलकारी आरती। मंगलवार और शनिवार को इसका पाठ करने से भय, बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती हैं।

श्री शिव जी
🚩 सोमवार विशेष

श्री शिव जी

"ॐ जय शिव ओंकारा"

देवों के देव महादेव श्री शिव जी की पावन आरती। सोमवार एवं महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इसका पाठ करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

श्री राम जी
🚩 रविवार विशेष

श्री राम जी

"श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन"

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी की परम पावन स्तुति व आरती। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित यह आरती मन को असीम शांति प्रदान करती है।

🙏 आरती की सही विधि एवं नियम (Aarti Vidhi)
1

दीपक प्रज्वलित करें

शुद्ध गाय के घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। कपूर का उपयोग अत्यंत मंगलकारी माना गया है।

2

परिक्रमा का नियम

भगवान के चरणों में 4 बार, नाभि पर 2 बार, मुख पर 1 बार और संपूर्ण शरीर पर 7 बार आरती घुमाएं।

3

घंटी व शंख ध्वनि

आरती के समय बाएं हाथ से निरंतर घंटी बजाएं। आरती समाप्ति पर 3 बार शंखनाद करें।

4

आरती ग्रहण करें

आरती समाप्त होने के पश्चात् दोनों हाथों से आरती की लौ को स्पर्श कर अपने मस्तक एवं नेत्रों पर लगाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भक्ति एवं पूजा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

आरती नियम, पूजा विधि और डिजिटल आरती टूल के प्रयोग की सम्पूर्ण जानकारी

Q1.आरती (Aarti) करने का सही नियम एवं विधि क्या है?

आरती दिन में दो बार - प्रात:काल मंगला समय और संध्या समय की जानी चाहिए। शुद्ध गाय के घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें। भगवान के श्रीचरणों में 4 बार, नाभि पर 2 बार, मुख पर 1 बार और संपूर्ण स्वरूप पर 7 बार आरती घुमाएं। आरती समाप्ति पर दोनों हाथों से लौ की ऊष्मा ग्रहण करें।

Q2.दैनिक पूजा में गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti) क्यों आवश्यक है?

भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य एवं विघ्नहर्ता हैं। सनातन परंपरा के अनुसार किसी भी पूजा, अनुष्ठान या नए कार्य के प्रारंभ में गणेश जी की आरती 'जय गणेश देवा' का पाठ करने से समस्त विघ्न, बाधाएं और नकारात्मकता समाप्त हो जाती है।

Q3.हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने के क्या लाभ हैं?

गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करने से भय, रोग, संकट, मानसिक क्लेश और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा एवं हनुमान जी की आरती का पाठ करने से परम शांति और बल प्राप्त होता है।

Q4.माता लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Mata Ki Aarti) कब गानी चाहिए?

माता लक्ष्मी जी की आरती 'ॐ जय लक्ष्मी माता' मुख्य रूप से प्रत्येक शुक्रवार की संध्या को तथा दीपावली, धनतेरस व नवरात्रि के पावन अवसर पर कमल पुष्प व कपूर जलाकर गानी चाहिए। इससे घर में सुख, समृद्धि और वैभव का वास होता है।

Q5.क्या Hindiaarti.com मोबाइल फोन पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है?

जी हाँ! Hindiaarti.com 100% मोबाइल-अनुकूल प्लेटफॉर्म है। इसमें हाथों-मुक्त ऑटो-स्क्रॉल (Auto-Scroll), मंदिर घंटी ध्वनि, 1-क्लिक द्विभाषिक (Hindi / English) स्विच और आँखों के लिए आरामदायक तीन थीम दी गई हैं।

🪔 भक्ति मार्ग एवं आरती ज्ञान

सम्पूर्ण आरती संग्रह (Aarti Collection): देवी-देवताओं की पावन आरती, स्तुति एवं भक्ति गाइड

सनातन धर्म में किसी भी पूजा, अनुष्ठान, व्रत या दैनिक संध्या वंदन का पावन समापन आरती (Aarti) के बिना अधूरी मानी जाती है। संस्कृत के 'आरात्रिक' शब्द से उत्पन्न आरती का मूल अर्थ है ईश्वर के श्रीचरणों में निष्काम भाव से कपूर या घी का दीपक प्रज्वलित कर उनके दिव्य स्वरूप का वंदन करना। Hindiaarti.com पर हमारा उद्देश्य भारतवर्ष की पवित्र सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक, शुद्ध एवं सहज रूप में प्रत्येक श्रद्धालु तक पहुँचाना है।


🚩 आरती (Aarti) का आध्यात्मिक महत्व और दैनिक जीवन में प्रभाव

जब कोई साधक अथवा भक्त प्रातःकाल या संध्या समय धूप, दीप एवं मंदिर घंटी की ध्वनि के साथ aarti का गायन करता है, तो वातावरण में सूक्ष्म तरंगे और सकारात्मक ऊर्जा का संचरण होता है। आरती केवल पंक्तियों का गान नहीं, अपितु आत्मा का परमात्मा से मिलन का साधन है। दीपक की प्रज्वलित लौ प्रभु के प्रकाश का प्रतीक है, जो हमारे भीतर के अज्ञान और नकारात्मकता का नाश करती है।

हमारे इस भक्ति पोर्टल पर समस्त प्रमुख देवी-देवताओं की aarti शुद्ध पाठ, हिंदी भावार्थ और इंग्लिश (Hinglish) ट्रांसलिट्रेशन के साथ संकलित की गई है, जिससे नए साधक भी बिना किसी उच्चारण दोष के प्रभु का ध्यान कर सकें।

🌺 प्रमुख आरती एवं चालीसा संग्रह (Featured Aarti & Chalisa Guides)

1. श्री गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti / Ganesh Aarti)

सनातन परंपरा में प्रत्येक शुभ कार्य के शुभारंभ में प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी की वंदना अनिवार्य है। ganesh ji ki aarti 'जय गणेश जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती पिता महादेवा' का नित्य पाठ करने से जीवन के समस्त विघ्न, बाधाएं और क्लेश समाप्त होते हैं।

यदि आप प्रामाणिक ganesh ji ki aarti lyrics खोज रहे हैं, तो हमारे पोर्टल पर ganesh aarti के प्रत्येक पद का अर्थ दिया गया है। बुधवार के दिन दूर्वा घास और मोदक चढ़ाकर ganesh ji ki aarti lyrics का सस्वर पाठ करने से बुद्धि, रिद्धि और सिद्धि की प्राप्ति होती है।

2. माता लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti / Lakshmi Mata Ki Aarti)

धन, वैभव, ऐश्वर्य एवं अष्ट लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने हेतु lakshmi ji ki aarti 'ॐ जय लक्ष्मी माता' का भक्तिपूर्वक पाठ किया जाता है। प्रत्येक शुक्रवार की संध्या को तथा दीपावली, धनतेरस व नवरात्रि के पावन पर्व पर lakshmi mata ki aarti गाकर घी के दीपक से मां का पूजन करने का विधान है।

शास्त्रानुसार जिस गृह में शुद्ध मन से lakshmi mata ki aarti एवं lakshmi ji ki aarti का गायन होता है, वहां से अलक्ष्मी और दरिद्रता दूर भागती है तथा घर में स्थाई सुख-समृद्धि का वास होता है।

3. श्री हनुमान जी की आरती एवं हनुमान चालीसा (Hanuman Ji Ki Aarti & Hanuman Chalisa)

कलयुग के जाग्रत देवता, परम रामभक्त श्री हनुमान जी की आराधना भक्त के मन से भय, रोग और मानसिक चिंताओं को समाप्त कर देती है। मंगलवार एवं शनिवार को hanuman ji ki aarti 'आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की' का गान करने से संकटमोचन हनुमान जी की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है।

इसके साथ ही गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज द्वारा रचित महाकाव्य Hanuman Chalisa (जय हनुमान ज्ञान गुन सागर) का प्रतिदिन 100 बार या दैनिक पाठ करने से समस्त भय, ग्रह दोष एवं नकारात्मक ऊर्जाएं भस्म हो जाती हैं। यदि आप संकटों से घिरे हैं, तो Hanuman Chalisa और hanuman ji ki aarti का नित्य पाठ अचूक सुरक्षा कवच का कार्य करता है।

4. भगवान शिव की आरती (Shiv Aarti)

देवों के देव महादेव श्री शिव जी की परम पावन shiv aarti 'ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा' त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की महिमा को दर्शाती है। सोमवार के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बिल्वपत्र अर्पित करने के उपरांत shiv aarti का गायन करने से पापों का शमन होता है और मन को असीम आत्मिक शांति मिलती है।

5. आरती कुंज बिहारी की (Aarti Kunj Bihari Ki)

वृंदावन के बांके बिहारी, मुरलीधर श्री कृष्ण जी की भक्ति रस से सराबोर आरती aarti kunj bihari ki 'आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की' सुनते ही हृदय आनंदित हो उठता है। जन्माष्टमी, एकादशी तथा गुरुवार के दिन aarti kunj bihari ki का गान करने से जीवन में प्रेम, आनंद और गोविंद की कृपा बरसती है।

Hindiaarti.com डिजिटल टूल की विशेषताएं (Unique Features)

1-Click द्विभाषिक मोड (Bilingual)

हिंदी (Devanagari) और Hinglish / English दोनों पाठ में aarti एवं Hanuman Chalisa पढ़ने की स्वतंत्रता।

हाथों-मुक्त ऑटो स्क्रॉल (Auto-Scroll)

पूजा थाली हाथ में होने पर बिना स्क्रीन को छुए स्वचालित स्क्रॉल गति (Slow, Medium, Fast) में पाठ करें।

मंदिर घंटी ध्वनि प्रभाव (Temple Bell Audio)

आरती करते समय वास्तविक मंदिर की दिव्य घंटी बजाकर घर में भक्तिमय वातावरण निर्मित करें।

सात्विक एवं भगवा विषय-वस्तु (Themes)

आंखों के लिए आरामदायक तीन विशेष रंग रूपरेखा (Saffron, Temple Dark, Saattvik White)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQ)

आरती (Aarti) करने की सही विधि एवं दिशा क्या है?

आरती करते समय साधक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। दीपक जलाकर भगवान के श्रीचरणों में 4 बार, नाभि पर 2 बार, मुख मंडल पर 1 बार और पूरे स्वरूप पर 7 बार गोल (प्रदक्षिणा) घुमाना चाहिए। आरती के बाद दोनों हाथों से लौ की ऊष्मा ग्रहण कर मस्तक पर लगानी चाहिए।

दैनिक पूजा में ganesh ji ki aarti और Hanuman Chalisa पढ़ना क्यों आवश्यक माना गया है?

भगवान गणेश प्रथम पूज्य हैं, अतः सर्वप्रथम ganesh aarti अथवा ganesh ji ki aarti lyrics पढ़ने से पूजा में कोई विघ्न नहीं आता। इसके बाद Hanuman Chalisa एवं hanuman ji ki aarti का पाठ साधक को आत्मविश्वास, बल और संकटनाश की शक्ति प्रदान करता है।

lakshmi mata ki aarti और lakshmi ji ki aarti कब और कैसे गानी चाहिए?

lakshmi mata ki aarti मुख्य रूप से प्रत्येक शुक्रवार की संध्या समय तथा दीपावली की पावन रात्रि को कमल के फूल, कुमकुम और शुद्ध घी का दीपक जलाकर गानी चाहिए। इससे घर में सुख और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है।

क्या Hindiaarti.com पर aarti kunj bihari ki और shiv aarti का प्रामाणिक पाठ उपलब्ध है?

हाँ! Hindiaarti.com पर aarti kunj bihari ki, shiv aarti, ganesh ji ki aarti lyrics, lakshmi ji ki aarti, hanuman ji ki aarti एवं Hanuman Chalisa का संपूर्ण 100% शुद्ध हिंदी पाठ एवं भावार्थ उपलब्ध है।